दस्तक अभियान का संयुक्त निरीक्षण: मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष फोकस
दमोह :मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक संजीव मिश्रा ने आज संयुक्त रूप से विकासखंड पथरिया के उप-स्वास्थ्य केंद्र किल्लाई, कछौआ, खोजाखेड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सदगुवां तथा आंगनवाड़ी केंद्र हथना का भ्रमण कर बच्चों की सेहत एवं सुरक्षा का अभियान दस्तक एवं ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर दी जा रही स्वास्थ्य एवं परामर्श सेवाओं का निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने वाली गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को पुष्प और टाफी देकर उत्साहवर्धन किया। ग्राम भ्रमण के दौरान डॉ. राय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने, स्वच्छता अपनाने तथा बरसात के मौसम में संक्रमण से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने समझाया कि दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण) जानलेवा हो सकती है, इसलिए प्रत्येक परिवार को ओआरएस का घोल और जिंक की गोली का समय पर उपयोग करना चाहिए। उन्होंने ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि भी समझाई और अभिभावकों से अपील की कि दस्त होने पर प्राथमिक उपचार में विलंब न करें ओआरएस का उपयोग करें तथा आवश्यकतानुसार निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
गर्भवती महिलाओं के समूह से चर्चा करते हुए डॉ. राय ने कहा कि नवजात शिशु को जन्म के पहले घंटे के भीतर मां का दूध अवश्य पिलाना चाहिए। मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु का पहला प्राकृतिक टीका है, जो उसे संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है तथा शिशु के स्वस्थ विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को नियमित प्रसव पूर्व जांच, संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का सेवन एवं संस्थागत प्रसव के लिए भी प्रेरित किया।
सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग संजीव मिश्रा ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य अमले से समन्वित रूप से कार्य करते हुए प्रत्येक बच्चे और गर्भवती महिला तक पोषण सेवाओं का लाभ पहुचाने पर बल दिया।

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