300 से अधिक नागरिकों ने ली ई-शपथ, विद्यार्थियों ने कला और संस्कृति के माध्यम से बताया नशे का दुष्परिणाम
दमोह। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को इंडोर खेल स्टेडियम, सिविल वार्ड दमोह में तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज, विशेष रूप से युवाओं को तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे एवं जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल उपस्थित रहे। इसके अलावा स्वाति गौर, अमित बजाज, सोनू यादव, अखिलेश चौबे एवं अन्य जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
तंबाकू बना युवाओं के भविष्य के लिए खतरा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि तंबाकू सेवन आज समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। विशेष रूप से युवा वर्ग तेजी से इसकी गिरफ्त में आ रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि तंबाकू के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियां तथा अनेक जानलेवा रोग उत्पन्न होते हैं। समाज को नशामुक्त बनाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को मिलकर कार्य करना होगा।
विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रस्तुतियों से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चित्रकला, रंगोली, भाषण, निबंध लेखन, गीत एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिताओं में शामिल युवाओं ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि परिवार, समाज और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है।
नुक्कड़ नाटकों ने झकझोरा जनमानस
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विभिन्न नाट्य मंच समितियों द्वारा प्रस्तुत किए गए नुक्कड़ नाटक रहे। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
नाट्य प्रस्तुतियों में दिखाया गया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति को धीरे-धीरे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से कमजोर कर देती है तथा परिवारों को भी प्रभावित करती है। दर्शकों ने प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए इन्हें जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताया।
300 नागरिकों ने ऑनलाइन ली ई-शपथ
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई गई। साथ ही लगभग 300 नागरिकों ने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन ई-शपथ ग्रहण कर तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने का संकल्प लिया।
प्रतिभागियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों का हुआ सम्मान
तंबाकू निषेध विषय पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने युवाओं की रचनात्मकता और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि देश को नशामुक्त बनाने में युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रविंद्र टांक ने किया। अंत में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला प्रमुख प्रवीण फुलपगारे तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया गया।
उन्होंने कहा कि तंबाकू निषेध और नशामुक्ति केवल एक दिवस का अभियान नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सतत प्रयास है। समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही तंबाकू मुक्त भारत और स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही। सभी ने मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

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