जैविक खेती और क्षमता वर्धन पर जबेरा में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित।
जबेरा। मानव जीवन विकास समिति के संस्था सचिव निर्भय सिंह के मार्गदर्शन में ब्लॉक जबेरा के जनपद सभा कक्ष में ग्राम विकास समिति एवं महिला स्व-सहायता समूह का एक दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यक्रम सह कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों से जोड़ना तथा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था।कार्यशाला में उपस्थित कृषि अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खेती की बारीकियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि रासायनिक खादों के निरंतर प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो रही है, जबकि जैविक खेती से न केवल मिट्टी की सेहत सुधरती है बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। विशेषज्ञों ने (केंचुआ खाद), जैव कीटनाशक बनाने और उनके सही इस्तेमाल के तरीकों पर भी प्रकाश डाला।
इसके साथ ही, महिला समूहों को प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के गुर सिखाए गए।कार्यक्रम में जनपद कार्यालय से ए.डी.ओ. निरपत सिंह, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी नरेंद्र सिंह, आजीविका मिशन ब्लॉक मैनेजर धर्मेंद्र मिश्रा,ने कहा कि आज महिलाएं समूहों से जुड़कर आगे बढ़ रही हैं और उनका सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है ए.बी.एम. अजय शुक्ला तथा एफिकोर संस्था से चौधरी नागिन भाई विशेष रूप से मौजूद रहे। विभागीय अधिकारियों ने मानव जीवन विकास समिति द्वारा गाँव-गाँव में चलाए जा रहे विकास कार्यों और जैविक खेती के प्रयासों की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण स्तर पर बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।इस कार्यशाला में क्षेत्र के 65 महिला एवं पुरुष किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित किसानों ने जैविक खेती अपनाने और अपने गाँवों में इसका प्रचार-प्रसार करने का संकल्प लिया। संस्था की ओर से परियोजना समन्वयक नरेश खटीक के द्वारा जैविक खेती पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया ब्लॉक समन्वयक राकेश कुमार विश्वकर्मा तथा फील्ड कोऑर्डिनेटर अर्चना, अनिल, चरण सिंह एवं हरि बाई उपस्थित रहीं। सभी कार्यकर्ताओं ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्राम विकास को गति देने में सक्रिय भूमिका निभाई। किसानों के उत्साह और सक्रिय सहभागिता से यह कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा


إرسال تعليق