आंखों में मिर्ची झोंककर ₹3 लाख की लूट: आरोपी वासु अहिरवार को 7 साल की सजा
दमोह। वर्ष 2022 में यूनियन बैंक से पैसे निकालकर लौट रहे व्यक्ति से आंखों में मिर्ची पाउडर झोंककर ₹3 लाख की लूट करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दमोह सुश्री स्नेहा सिंह की अदालत ने आरोपी वासु अहिरवार को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 394 के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹2,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, 1 दिसंबर 2022 को फरियादी ईश्वरदास पटेल यूनियन बैंक, राय चौराहा से ₹3 लाख निकालकर विजय नगर स्थित अपने दामाद के घर जा रहे थे। इसी दौरान पवन जैन के घर के सामने बिना नंबर की सफेद अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। एक आरोपी ने उनका चश्मा खींच लिया, दूसरे ने आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया और तीसरे ने नकदी, चेकबुक व अन्य सामान से भरा बैग छीनकर फरार हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि वासु अहिरवार फरार हो गया था।
घटना के बाद थाना दमोह देहात पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल से मिर्ची पाउडर की पन्नी, टूटा हुआ चश्मा और बैग की टूटी हुई पट्टियां जब्त की गईं। साथ ही बैंक के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज भी साक्ष्य के रूप में जुटाए गए।
विवेचना में सह-अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान वासु अहिरवार की संलिप्तता सामने आई। बाद में उसे अन्य मामले में गिरफ्तार होने पर प्रोडक्शन वारंट के जरिए न्यायालय में पेश किया गया। शिनाख्त सहित अन्य अनुसंधान पूर्ण कर उसके विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
सीसीटीवी बना अहम सबूत
विचारण के दौरान बैंक के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी वासु अहिरवार फरियादी की रेकी करते हुए स्पष्ट दिखाई दिया। बैंक कर्मचारी जितेंद्र पटेल ने न्यायालय में सीसीटीवी फुटेज की पेनड्राइव एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी के तहत प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर फुटेज को प्रमाणित किया। अभियोजन ने फरियादी की गवाही, चिकित्सीय साक्ष्य, घटनास्थल से जब्त सामग्री, बैंक अभिलेख और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर मामला सिद्ध किया।
अभियोजन के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी वासु अहिरवार को धारा 394 भादवि के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास तथा ₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन धर्मेंद्र सिंह तारन के निर्देशन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सतीश कपस्या एवं श्याम नेमा ने प्रभावी पैरवी की।
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